NCERT Solutions For Class 12th Hindi Antra Chapter 18 : जहाँ कोई वापसी नहीं
NCERT Solutions For Class 12th Hindi Antra Chapter 18 : जहाँ कोई वापसी नहीं
प्रश्न और अभ्यास
1.अमझर से आप क्या समझते हैं? अमझर गाँव में सूनापन क्यों है ?
उत्तर- अमझर, दो शब्दों के मेल से बना है आम तथा झरना । अर्थात वह स्थान जहाँ आम झरते हों वह अमझर कहलाता है। जिस दिन से ये घोषणा हुई है कि, अमरौली प्रोजेक्ट के कारण अमझर गाँव को भी उजाड़ दिया जाएगा , तब से अमझर गाँव में सूनापन है। क्योंकि, आम ने फलने फूलने से मानो साफ इंकार कर दिया है, और रूठ के बैठा है।
2.आधुनिक भारत के 'नए शरणार्थी' किन्हें कहा गया है?
उत्तर- आधुनिक भारत के नए शरणार्थी उन्हें कहा गया है, जिनके गाँवों को आधुनिकता तथा विकास के नाम पर उजाड़ दिया गया है, और बिना किसी कसूर के वे बेघर हो गए हैं। भारत की प्रगति के लिए उन्हें अपने घर, खेत ,खलिहान इत्यादि का त्याग करना पड़ा।
3. प्रकृति के कारण विस्थापन और औद्योगीकरण के कारण विस्थापन में क्या अंतर है?
उत्तर: प्रकृति के कारण विस्थापन, तब होता है जब कोई प्राकृतिक आपदा आती है जैसे बाढ़, भूकंप इत्यादि जिससे घर , खेत खलियान सब तहस नहस हो जाता है । प्राकृतिक आपदा के कारण विस्थापित हुए लोग पुनः अपने गाँव तथा घर वापस आ जाते है। परन्तु औद्योगीकरण विस्थापित हुए लोग अपने गाँव तथा घर कभी वापस नहीं आ पाते है। यही अंतर है प्रकृति के कारण विस्थापन में तथा औद्योगीकरण के कारण विस्थापन में।
4. यूरोप और भारत की पर्यावरणीय संबंधी चिंताएँ किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर- यूरोप में लोग मानव तथा भूगोल के मध्य बढ़ रहे असंतुलन को लेकर चिंतित हैं। जबकि इसके विपरीत भारत में मानव तथा संस्कृति के मध्य समाप्त हो रहे सम्बन्ध के कारण चिंतित हैं। भारत में संस्कृति पर्यावरण से जुड़ी हुई है, और यही भारत के लिए चिंता का विषय है।
5.लेखक के अनुसार स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी ट्रैजडी क्या है ?
उत्तर- लेखक के अनुसार स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी ट्रेजेडी यह है कि, यहाँ की सरकार ने विकास के लिए सर्वप्रथम औद्यागिककरण का रास्ता अपनाया ,जोकि स्वयं की कल्पना नहीं बल्कि, पश्चिमी देशो की नक़ल थी। इस कारण भारत में मनुष्यों तथा प्रकृति के बीच का परस्पर सम्बन्ध समाप्त हो गया। यदि सरकार के द्वारा सही रास्ता चुना जाता, तो हमारे भारत का विकास भी होता और मानव तथा प्रकृति के बीच का परस्पर सम्बन्ध भी बना रहता ।
6. औद्योगीकरण ने पर्यावरण का संकट पैदा कर दिया है, क्यों और कैसे ?
उत्तर- औद्योगीकरण के लिए सरकार ने उपजाऊ भूमि तथा वहां के परिवेश को नष्ट कर डाला| वहाँ के जनजीवन को विस्थापित कर दिया, जिसका सीधा प्रभाव पर्यावरण पर पड़ा। अतः औद्योगीकरण ने पर्यावरण से जुड़े अनेक संकट पैदा कर दिए हैं।
7. क्या स्वच्छता अभियान की जरुरत गाँव से ज्यादा शहरों में है ? (विस्थापित लोंगो, मजदूर बस्तियों, स्लम्स क्षेत्रों,शहरों में बसी झुग्गी बस्तियों के सन्दर्भ में लिखिए । )
उत्तर- स्वच्छता अभियान की जरुरत हर जगह है। पर देखा जाए तो शहरों में जागरूकता की ज्यादा आवश्कता है। क्योंकि, शहरों में लोग अपने कार्यों में बहुत ज्यादा व्यस्त होते हैं। वे हर जगह कचड़ा फेंक देते हैं| उन्हे सिर्फ और सिर्फ अपने आप से मतलब होता है, झुग्गी-झोपड़ियों इत्यादि में भी ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। झुग्गी-झोपड़ियां हटाने से पहले उनमे रहने वाले लोंगो के लिए नए मकान बना देने चाहिए। जिससे कि वे एक दिन के लिए भी बेघर न होने पाए। स्वच्छता अभियान को हर जगह जटिलता से पालन करना चाहिए |
8. निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए :
(क) आदमी उजड़ेंगे तो पेड़ जीवित रहकर क्या करेंगे?
(ख) प्रकृति और इतिहास के बीच क्या गहरा अंतर है?
उत्तर- (क) प्रकृति ने मनुष्यों का पालन पोषण किया है। अतः यदि मनुष्य उजड़ जाता है तो, पेड़ पौधे भी जीवित नहीं रहेंगे क्योंकि मनुष्य की सभ्यता तथा विकास में इनका महत्वपूर्ण योगदान है और दोनों के प्राण एक दूसरे में ही बसते हैं।
(ख) प्रकृति और इतिहास के बीच का अंतर दोनों के स्वाभाव से स्पष्ट है। जब प्रकृति आपदा भेजती है, तो यह आदमी को फिर से जीने का मौका देता है। यह सर्वविदित है कि, जब इतिहास सभ्यता को जोड़ता है, तो उसके अवशेष केवल शेष रह जाते हैं। उनके फिर से बसने की उम्मीद खत्म हो जाती है।
9.निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए :
(क) आधुनिक शरणार्थी
(ख) औद्योगीकरण की अनिवार्यता
(ग) प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति के बीच आपसी संबंध
उत्तर -
(क) आधुनिक शरणार्थी उन्हें कहा जाता है, जिनके गावों को आधुनिकता तथा विकास के नाम पर उजाड़ दिया गया है। भारत की प्रगति के लिए उन्हें अपने घर, खेत खलिहान इत्यादि का बेकसूर होकर भी त्याग करना पड़ता है।
( ख ) हर कोई जानता है कि मानव के विकास के लिए औद्योगीकरण बहुत महत्वपूर्ण है। यह विकास को गति देता है, विकास के नए साधन प्रदान करता है। इसलिए देश और व्यक्ति के विकास के लिए इसकी अनिवार्यता है।
(ग) सदियों से प्रकृति, मानव और संस्कृतियों के बीच गहरा संबंध है। प्रकृति ने मानव को जन्म दिया और मानव के विकास के साथ-साथ संस्कृति का विकास हुआ । यदि इनमें से कोई भी एक कड़ी टूटती है तो, ये हमारा कर्तव्य है की हम इसे जोड़ कर रखें| उनके बीच के रिश्ते को टूटने न दें क्योंकि यदि एक पर भी कोई आंच आई तो, उसका असर तीनों पर होगा, स्थिति डगमगा जायेगी।
10.निम्नलिखित पंक्तियों का भाव-सौंदर्य लिखिए:
(क) कभी-कभी किसी इलाके की संपदा ही उसका अभिशाप बन जाती है।
(ख) अतीत का समूचा मिथक संसार पोथियों में नहीं, इन रिश्तों की अदृश्य लिपि में मौजूद रहता था।
उत्तर:
(क) इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने बहुत बड़ी बात कही है। वह कहना चाहते हैं की, यदि कोई स्थान खनिज सम्पदा से भरा हुआ है तो यह उस स्थान के लिए वरदान नहीं अभिशाप है। क्योंकि उसकी खनिज सम्पदा के दोहन के लिए उस स्थान को उजाड़ दिया जाता है, हजारों लोगों को बिना किसी कसूर के अपने गांव घर को छोड़ कर जाना पड़ता है।
(ख) इस पंक्ति के माध्यम से कवि निर्मल वर्मा जी ने भारतियों का प्रकृति के साथ सम्बन्ध बताया है। वह कहते हैं कि, हम भारतियों का प्रकृति के साथ सम्बन्ध कुछ इस प्रकार है कि,हमने प्रकृति को अपने जीवन में इस तरह से रचा बसा लिया है की हमें इसे शब्दों में लिखने की आवश्यकता नहीं है।
भाषा शिल्प
1. पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित अभिव्यक्तियों का अर्थ स्पष्ट कीजिए: मूक सत्याग्रह, पवित्र खुलापन, स्वच्छ मांसलता, औद्योगीकरण का चक्का, नाजुक संतुलन
उत्तर:
मूक सत्याग्रह - चुप रहकर शांति से विरोध करना ।
पवित्र खुलापन - वह खुलापन जिसमे संबंधों की पवित्रता को ध्यान में रखकर खुलकर बातें की जाएं।
स्वच्छ मांसलता - ऐसा शारीरिक सौंदर्य तथा सौष्ठव जिसमें अश्लीलता के स्थान पर पवित्र भाव हो।
औद्योगीकरण का चक्का - विकास और प्रगति के लिए किया गया तकनिकी से युक्त प्रयास ।
नाज़ुक संतुलन - दो लोंगो के मध्य ऐसा सम्बन्ध जो थोड़ा सा चोट लगने पर टूट सकता है।
2. इन मुहावरों पर ध्यान दीजिए:
मटियामेट होना, आफत टलना, न फटकना
उत्तर:
मटियामेट होना : सबकुछ समाप्त होना
वाक्य: भाई भाई की लड़ाई में घर का सबकुछ मटियामेट हो गया|
आफत टलना : मुसीबत चली जाना
वाक्य: भाई की सहायता से मेरी आफत टली ।
न फटकना : पास ना आने देना या पास न जाना
वाक्य: उस गुंडे को मैंने अपने आस पास भी नहीं फटकने दिया ।
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